devesh shastri

Saturday, December 31, 2011

शुभम भवतु नूतन वर्षः ॥


नव वर्षे भवताम सेवायाम पुनर्जन्मे उपस्थितः अहम्


नए वर्ष में आपकी सेवा में पुनर्जन्म में मैं हाजिर हूँ .

हैप्पी न्यू इअर २०१२

नवजीवन का वर्ष नव, नव प्रयोगआधार ।


अनुपम अनुभव से सदा पूरित सद-आचार ॥

Wednesday, December 28, 2011

महावीर मार्ग की सचाई

इटावा में रंगलाल चौराहे से लालपुरा तिराहे तक जहां महावीर (हनुमान जी ) का मंदिर है महावीर मार्ग, चूँकि बजरंग वली रुद्रावतार हैं इसलिए

Saturday, December 24, 2011

सम्मान का रोना

इटावा हिंदी सेवा निधि के १९ वें सारस्वत समारोह में हिंदी की बदहाली पर चिंता जताई गई और हिंदी के सम्मान का रोना रोया गया। सवाल उठता है कि हिंदी पर सम्मान का रोना क्यों है और कब तक रहेगा ? १४ सितम्बर को हर साल सम्मान का रोना रोया जाता है। सोचो जिम्मेदार कौन है

न केबल हिंदी बल्कि सभी भारतीय भाषाए इंग्लिश द्वार ऐसे हाई जेक की गई हैं जैसे अंग्रेजी रूपी खडग सिंह ने भारती की जुबान रूपी घोडा हाई जेक कर लिया हो।

Friday, December 9, 2011

जुड़िये देवेश शास्त्री के काव्य संसार से

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क्विज कंटेस्ट १४ को

इटावा महोत्सव एवं प्रदर्शनी द्वारा पंडाल में भारत-जानो, इटावा जानो क्विज कंटेस्ट १४ दिसंबर को होगी।
मुख्य अतिथि - श्री दयाशरण वर्मा , जिला सूचना अधिकारी इटावा
कार्यक्रम अध्यक्ष - पं० सीताराम दीक्षित , मानस मर्मग्य
प्रतियोगिता ४ वर्गों में होगी -
१- प्राथमिक वर्ग (कक्षा ५ तक) उत्तर प्रदेश को जानो
२-जूनियर वर्ग (कक्षा ६ से ८ तक ) भारत को जानो
३- मध्यम वर्ग (कक्षा ९ से 12 तक ) भारत को जानो
४- वरिष्ठ (स्वतंत्र ) वर्ग (जन सामान्य ) इटावा को जानो
सभी इष्ट मित्रों के साथ पधार कर कृतार्थ करें।
निवेदक-
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देवेश शास्त्री संयोजक , कृपा शंकर वर्मा adios सह संयोजक/ प्रभारी

Thursday, December 1, 2011

उनकी पीड़ा

सती सावित्री की भांति अपने पति को यमराज से छुड़ा लाने वाली प्रतिभा ( श्लेष - द्वि-अर्थी ) से सब परिचित हैं। मेरा पुनर्जन्म कुछ लोगों को नहीं भाया, यदि मर जाता तो इंडिया अगेंस्ट करप्शन की कलक्टरी (को-आर्डिनेटर), कविता के मंच की ठेकेदारी , सम्पादकीय तथा नुमाईस के कार्यक्रम का संयोजकी मिल जाती, बेरोजगारी के इस दौर में दो - चार तो वह दंद-फंद करने लगते,जो मौका मिलने पर मैंने न की और न करुगा।

Wednesday, November 2, 2011

महत्वपूर्ण पत्र

आदरणीय केजरीवाल जी । जयहिंद ....
UP में इटावा मुलायम सिंह का गृह जनपद है इसलिए मिशन २०१२ के लिए यह जनपद काफी महत्वूर्ण माना जाता है अन्ना जी फिर अनशन (आन्दोलन) की घोषणा का चुके हैं। इटावा का को-आर्डीनेटर (देवेश शास्त्री) २२ सितम्बर २०११ को हुई दुर्घटना में ब्रेन हैंजारी का शिकार है जिंदगी और मौत से उबर चुका है आप सारे घटना क्रम से अवगत हैं संजय सिंह मुझे देखने आये थे। मुझे पूरी तरह सक्रिय होने मैं लगभग ६ महीने लगेगे ऐसा डॉक्टरों का कहना है, मेरा निवेदन है कि मुझे चिंतन व तनाव मुक्त रहने दें। कुछ भी सोचने व तनाव में सर दर्द बढ़ जाता है। इटावा में को-आर्डीनेटर बदल दीजिये। एक जिन्दा लाश से कोई उम्मीद नहीं रक्खी जा सकती आन्दोलन को धार-दार बनाये रखना और जनलोकपाल के लिए मेरा अनुरोध स्वीकार करें। यहाँ बहुत दिग्गज क्रांति कारियो की कमी नहीं है । आप टीम के साथ इटावा पधारें मुझे दर्शन दें और यहाँ के क्रांति कारियो से मिलें और लोकतांत्रिक तर्रीके से मेरा उत्तराधिकारी घोषित करें ताकि मैं निश्चिन्त होकर स्वास्थ्य लाभ ले सकूँ...ब्रेनरोगी
को-आर्डीनेटर इटावा देवेश शास्त्री

Monday, October 31, 2011

जन्म दिन

सभी साथिओं को घायल-मष्तिष्क (हार्डडिस्क विहीन) अनासक्त देवेश का प्रणाम. आज २२ अक्तूबर जन्मदिन है अंग्रेजियत में जिसे कभी नहीं माना. १९६८ में दीपावली २१ अक्तूबर को थी जन्म रात १२ के बाद हुआ तब तारीख बदल चुकी थी यानि २२ थी. दीपावलीमें दिए जलते हैं दिया शब्द पर केन्द्रित डिब्बो लाल नाम दिया था पंगु जी ने .. डिब्बो शब्द का तत्सम शब्द देवेश हुआ, कवि पंगुजी का साहित्यिक उत्तराधिकारी हूँ२२ डेट का महत...्त्व ------------------- २२ जून १९७२ को हरिद्वार यात्रा पर गए पूज्य बाबा श्यामले प्रसाद मार्ग दुर्घटना में स्वर्ग सिधारे थे.२२ जनवरी १९९१ को चाचा कवि पंगुजी का निधन हुआ .२२ सितम्बर २०१० को पिता श्री रामशरण चवुतरे से गिर कर ब्रेन की चोट से देहांत हुआ ठीक १ वर्ष बाद २२ सितम्बर २०११ को मुझे टक्कर लगी ब्रेन की चोट से आहत हूँ एक महीना हो चुका है आज २२ अक्तूबर है. क्षमा करे - अगली २२ (नबम्बर) तक हार्ड-डिस्क (मष्तिष्क) सही स्थिति में आ जाये. जब चिंतन करता हूँ या तनाव में होता हूँ तब असहनीय दर्द से लगता कि खोपरी फटती जा रही है. चक्कर भी आते रहते हैं. इलाज से ८० प्रतिशत लाभ है, स्मरण शक्ति भी अच्छी हो रही है ऐसा शास्त्राइन का कहना है , मुझे नहीं पता.४३ वें जन्म दिन व नव जीवन के प्रथम मास पर सभी का आभार- आप की सद भावना से मृत्यु के करीब से लौट सका हूँ. दिमाग जख्मी जरुर है मगर दिल साफ़ और स्वस्थ है.See More

नव जीवन

यह दीवाली मेरा ४३ वाँ जन्मदिन था लेकिननवजीवन का पहला. पूज्या माताजी ने जिस स्नेह भाव से अकेले टीका किया. वैसा दिव्य वात्सल्य ४२ जन्मदिन पर कभी अनुभव नहीं किया उनकी दृष्टि में यह मेरी जिन्दगी की ४३ वी नहीं, पहली दिवाली रही. जब २२ सितम्बर २०१० को मेरे पिताजी सर की चोट से चले गए माँ का जीवन इस लाल पर केन्द्रित हो गया जो एक वर्ष बाद २२ सितम्बर २०११ को सर की चोट से उनके दिल का टुकड़ा उसी दशा में पहुच गया तब उनकी वेदना क्या रही होगी, वे स्वयं नहीं बता रही. पति को खोकर पुत्र को उसी दशा देख बुजुर्ग माँ की क्या दशा थी? साथियो मै ये क्या लिखने लगा? सर में दर्द शुरू हो गया प्रणाम स्वीकार करें........................

दिमागचोटिल

वन्धुवर , प्रणाम.अप सभी को ज्ञात होगा कि २२ सितम्बर २०११ को मैं एक दुर्घटना में धायल होगया था सर में ऐसी भयंकर चोट थी कि में १ सप्ताह ICU में रहा. मेरा दिमागचोटिल (ख़राब) है यानि मैं पागल नहीं हूँ आदरणीय संजय सिंह आगरा केकार्यक्रम से लौटते वक्त मेरा हल चल लेने आये थे. इलाज चल रहा है काफीफायदा भी है किन्तु इटावा के मेरे के साथी स्वार्थ और महत्वाकांक्षा केबसीभुत होकर इंडिया अगेंस्ट कोर्रुप्शन के इटावा को-आर्डिनेटर बनानाचाहते हैं मैं फ़िलहाल अक्षम हूँ और जनहित में कोई आशक्ति भी नहीं रखता.मैंने इस बारे में संजय जी से निवेदन किया था. आपलोग सोचे - इटावा मेंकिसी को भी को-आर्डिनेटर बना दें. मेरी अरविन्द केजरीवाल के प्रति जोअसीम आस्था पहले थी वही है इस नए जीवन में यह आस्थ और बढ़ी है ..देवेश शास्त्री इटावा ९४५६८२५२१०,९२५९११९१८३

Wednesday, July 6, 2011

अनुस्वार (अं) का विकल्प


जिस अक्षर पर अनुस्वार होता है उसके परवर्ती वर्ण के वर्ग का पांचवां वर्ण हो जाता है।


इंटर में ट से पहले वर्ग का ५ वां वर्ण अस्वर ण आएगा


अंडा में ड से पहले ट वर्ग का ५ वां वर्ण अस्वर ण आएगा


चन्द्र में द से पहले त वर्ग का ५ वां वर्ण अस्वर न आयेगा।


दिनांक में क से पहले क वर्ग का ५ वां वर्ण अस्वर ड़ आयेगा।


धंधा में ध से पहले त वर्ग का ५ वां वर्ण अस्वर न आयेगा।


मंदिर, बंदर, सुंदर संत,

Monday, July 4, 2011

आज जो भी समस्याए दिख रही हैं उनका एक कारण हमारा संस्कृत से दूर होना तथा उसे सम्मान की बजाय हेय दृष्टि से देखना है। आप हिंदी की वकालत करते हो , जरूरी है । हिंदी को आज तक वह दर्जा नही मिल पाया जो मिलना चाहिए । आज जो स्थिति संस्कृत की है वही कल हिंदी की होगी। क्योकि जैसे संस्कृत को रोजी रोटी से काट दिया गया वैसे ही हिंदी को भी काटा जा रहा है। संस्कृत दा मौज कर रहे है, कथा भागवत प्रवचन ज्योतिष दान धर्म से। जबकि हिंदी दा क्या करेंगे? चिंता का विषय है। हिंगलिश के भूत ने हिंदी को संस्कृत
ओ विद्यालय के पाठो के रट्टू तोतो!
गूदा निकाल कर रक्खो पहले भेजे का।
तब शायद समझ सको की छंद के प्याले में
कवि लाया कितना अर्क निचोर कलेजे का॥
-महाकवि शिशु

Monday, January 31, 2011

Saturday, January 8, 2011

नव वर्ष 2011

नए साल में साथियों करना है कुछ ख़ास।
जन - मन में जाग्रत करें , उत्पाटित विश्वास ॥
विश्व टिका विश्वास पै, कहते हैं विद्वान ।
तोड़ दिया विश्वास जब कैसे हो कल्याण ।।
तभी व्यवस्था भंग है मची है लूट खसोट ।
दांव न कोई छोड़ता ढीली पड़ी लंगोट ॥
ग्यारह का शुभ अंक ही लायेगा शुभ योग ।
होगा तांडव रूद्र अब धमद्धमद संयोग॥
जिससे टूटेगा सुनो अविश्वास का फंद।
तब विश्वासी पुष्प का फैलेगा मकरंद॥
आयेगा विश्वास जब बदलेगी तस्वीर।
कदाचार के अंत से मिट जाएगी पीर॥
नयेवर्ष में सत्य की धरी जाएगी नींव।
असमय ही मर जायेंगे अवसरवादी क्लीव॥
ग्यारह में दिख जाएगा बारह का फिर रंग।
कदाचार के अंत को रुद्राणी की चंग॥
नव दर नव संवत मिले त्रयोदशी अनुमान्य।
जन-मन सन्मय होयगा आये सत साम्राज्य॥