devesh shastri

Monday, July 4, 2011

ओ विद्यालय के पाठो के रट्टू तोतो!
गूदा निकाल कर रक्खो पहले भेजे का।
तब शायद समझ सको की छंद के प्याले में
कवि लाया कितना अर्क निचोर कलेजे का॥
-महाकवि शिशु

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