Monday, October 31, 2011
जन्म दिन
सभी साथिओं को घायल-मष्तिष्क (हार्डडिस्क विहीन) अनासक्त देवेश का प्रणाम. आज २२ अक्तूबर जन्मदिन है अंग्रेजियत में जिसे कभी नहीं माना. १९६८ में दीपावली २१ अक्तूबर को थी जन्म रात १२ के बाद हुआ तब तारीख बदल चुकी थी यानि २२ थी. दीपावलीमें दिए जलते हैं दिया शब्द पर केन्द्रित डिब्बो लाल नाम दिया था पंगु जी ने .. डिब्बो शब्द का तत्सम शब्द देवेश हुआ, कवि पंगुजी का साहित्यिक उत्तराधिकारी हूँ२२ डेट का महत...्त्व ------------------- २२ जून १९७२ को हरिद्वार यात्रा पर गए पूज्य बाबा श्यामले प्रसाद मार्ग दुर्घटना में स्वर्ग सिधारे थे.२२ जनवरी १९९१ को चाचा कवि पंगुजी का निधन हुआ .२२ सितम्बर २०१० को पिता श्री रामशरण चवुतरे से गिर कर ब्रेन की चोट से देहांत हुआ ठीक १ वर्ष बाद २२ सितम्बर २०११ को मुझे टक्कर लगी ब्रेन की चोट से आहत हूँ एक महीना हो चुका है आज २२ अक्तूबर है. क्षमा करे - अगली २२ (नबम्बर) तक हार्ड-डिस्क (मष्तिष्क) सही स्थिति में आ जाये. जब चिंतन करता हूँ या तनाव में होता हूँ तब असहनीय दर्द से लगता कि खोपरी फटती जा रही है. चक्कर भी आते रहते हैं. इलाज से ८० प्रतिशत लाभ है, स्मरण शक्ति भी अच्छी हो रही है ऐसा शास्त्राइन का कहना है , मुझे नहीं पता.४३ वें जन्म दिन व नव जीवन के प्रथम मास पर सभी का आभार- आप की सद भावना से मृत्यु के करीब से लौट सका हूँ. दिमाग जख्मी जरुर है मगर दिल साफ़ और स्वस्थ है.See More
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment