Monday, October 31, 2011
दिमागचोटिल
वन्धुवर , प्रणाम.अप सभी को ज्ञात होगा कि २२ सितम्बर २०११ को मैं एक दुर्घटना में धायल होगया था सर में ऐसी भयंकर चोट थी कि में १ सप्ताह ICU में रहा. मेरा दिमागचोटिल (ख़राब) है यानि मैं पागल नहीं हूँ आदरणीय संजय सिंह आगरा केकार्यक्रम से लौटते वक्त मेरा हल चल लेने आये थे. इलाज चल रहा है काफीफायदा भी है किन्तु इटावा के मेरे के साथी स्वार्थ और महत्वाकांक्षा केबसीभुत होकर इंडिया अगेंस्ट कोर्रुप्शन के इटावा को-आर्डिनेटर बनानाचाहते हैं मैं फ़िलहाल अक्षम हूँ और जनहित में कोई आशक्ति भी नहीं रखता.मैंने इस बारे में संजय जी से निवेदन किया था. आपलोग सोचे - इटावा मेंकिसी को भी को-आर्डिनेटर बना दें. मेरी अरविन्द केजरीवाल के प्रति जोअसीम आस्था पहले थी वही है इस नए जीवन में यह आस्थ और बढ़ी है ..देवेश शास्त्री इटावा ९४५६८२५२१०,९२५९११९१८३
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