devesh shastri

Thursday, December 1, 2011

उनकी पीड़ा

सती सावित्री की भांति अपने पति को यमराज से छुड़ा लाने वाली प्रतिभा ( श्लेष - द्वि-अर्थी ) से सब परिचित हैं। मेरा पुनर्जन्म कुछ लोगों को नहीं भाया, यदि मर जाता तो इंडिया अगेंस्ट करप्शन की कलक्टरी (को-आर्डिनेटर), कविता के मंच की ठेकेदारी , सम्पादकीय तथा नुमाईस के कार्यक्रम का संयोजकी मिल जाती, बेरोजगारी के इस दौर में दो - चार तो वह दंद-फंद करने लगते,जो मौका मिलने पर मैंने न की और न करुगा।

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