असली मक्खन है कहाँ, सिंथेटिक जब दूध
पर दुरुस्त है हाजमा, रकम हजम मय सूद
रकम हजम मय सूद , हाथ जब उनका ऊपर
काटी जमकर मौज, रोज नाचे चढ़ सर पर
मक्खनबाजी करके उपजे नेता फसली
दल बदलू जब नीति, नहीं मक्खन है असली
-देवेश शास्त्री
Thursday, July 2, 2009
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