कर्णाटक के राज्यपाल महामहिम श्री टी एन चतुर्वेदी द्वारा इटावा हिन्दी सेवा निधि की ओर से २००२ में सम्मानित साहित्यकार श्री देवेश शास्त्री का जन्म २२ अक्तूबर १९६८ (कार्तिक वदीअमावस्या सं२०२५ ) दीपावली की रात में कानपुर मंडल के इटावा नगर में ओज के मूर्धन्य कवि श्री शिव शरण अवस्थी ( पंगुजी) के अग्रज श्री राम शरण अवस्थी के यहाँ हुआ था। शैशव काल से ही देवेश को पूर्णरूपेण साहित्यिक वातावरण मिला, देशा के प्रतिष्ठित कलमकारों ने उसे गोद में खिलाया। पंगुजी शारीरिक रूप से विकलांग थे लिहाजा स्वयं कवि लेखक उनके लालपुरा चौक, इटावा स्थित आवास पर आते रहते थे। बचपन से ही काव्य घुट्टी पीने वाले शास्त्री जी १९८४ से लगातार मंचों पर काव्य पाठ करते आ रहे हैं । ८० के दशक के उत्तरार्ध में आपकी रचनाएँ आकाशवाणी, लखनऊ से प्रसारित हुई देश की विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में लगातार रचनाएँ प्रकाशित हो रही हैं। जिलास्तरीय साहित्यिक, सांस्कृतिक गतिविधियों को श्री शास्त्री जारी रखे हैं। इन दिनों वे विभिन्न दर्शनों के सारभूत ऐष्टिकदर्शन प्रस्तुत करते हुए गृहस्थ संत के रूप में सतसंग व्याख्यान व प्रवचन दे रहे है ।
Monday, July 6, 2009
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment