devesh shastri

Friday, January 27, 2012

थप्पड़ नहीं जूता जडिये

कलम मार्ग दर्शक है तो फिर तोप बनानी होगी।
स्याही की बूंदें बम की सामर्थ्य समानी होगी॥
माखन लेपन नहीं मित्र पैट्रोल छिड़कना होगा।
चांदी नहीं चर्म का जूता जमकर जड़ना होगा॥

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